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Special Edition- 2
VOL-2
Abhinavdhara – IJIIS
Explore the Special Edition-2 of Abhinavdhara (IJIIS) featuring peer-reviewed research articles on Indic Studies, Sanskrit, Indian Philosophy, and Culture.
SRIJANSHODH 2026
International conference on Indian Knowledge Systems, Art, Design, Wellness, and Cultural Heritage
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Global Academy of Art,Culture, Languages & Wellness Date: 29th & 30th August 2026 (virtual mode)
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए सितार शिक्षण: तीन अध्ययन-प्रसंगों पर आधारित एक गुणात्मक अध्ययन
दिव्या साहू
शोधार्थी, वाद्य विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
प्रो. राजेश शाह
वाद्य विभागाध्यक्ष काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
https://doi.org/10.67754/ijiis.special.edi 2.vol02.0018
सारांश
यह शोध-पत्र दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए सितार-शिक्षण की प्रक्रिया, उससे जुड़ी चुनौतियों तथा उपयोगी शिक्षण-पद्धतियों का अध्ययन करता है। भारतीय शास्त्रीय संगीत में सितार-शिक्षण सामान्यतः श्रवण, अनुकरण, अभ्यास और गुरु-निर्देश पर आधारित होता है, किंतु दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के संदर्भ में यह प्रक्रिया और भी अधिक संवेदनशील तथा अनुकूल शिक्षण प्रणाली की अपेक्षा करती है। इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि दृष्टिबाधित विद्यार्थी सितार कैसे सीखते हैं, शिक्षक उन्हें किस प्रकार मार्गदर्शन देते हैं, तथा कौन-सी शिक्षण-पद्धतियाँ उनके लिए अधिक प्रभावी सिद्ध होती हैं। यह शोध-पत्र तीन अध्ययन-प्रसंगों पर आधारित है। प्रथम अध्ययन-प्रसंग में अनेक अनुभवी सितार-शिक्षकों का दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को सिखाने के अनुभवों का अध्ययन किया गया है। द्वितीय अध्ययन-प्रसंग में दृष्टिबाधित संगीत-प्राध्यापिका की शिक्षण-परम्परा को उनके गुरु एवं उनकी शिष्याओं के अनुभवों के माध्यम से समझने का प्रयास किया गया है। तृतीय अध्ययन-प्रसंग में बलूजी श्रीवास्तव के सांगीतिक-जीवन, उनकी शिक्षण-प्रवृत्ति तथा इनर विजन ऑर्केस्ट्रा के माध्यम से दृष्टिबाधित संगीतकारों के लिए निर्मित अवसरों का अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए सितार-शिक्षण में श्रवण, स्पर्श, स्मृति, मौखिक-निर्देश तथा शिक्षक की संवेदनशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह शोध-पत्र इस क्षेत्र में उपलब्ध अनुभवजन्य ज्ञान को सामने लाकर सितार-शिक्षण के एक विशेष पक्ष को समझने में सहायता करता है।
मुख्य शब्द: दृष्टिबाधित विद्यार्थी, सितार-शिक्षण, अनुभवजन्य अध्ययन, शिक्षण-पद्धति, साक्षात्कार-आधारित अध्ययन
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